Tuesday, May 8, 2007

अभी

मेरे जो ख्वाब थे
हैं वो अधूरे अभी
ना कोई रास्ता है
ना कोई मंज़िल है अभी

मेरी ज़िंदगी जा रही है कहाँ
ना जाना मैने अभी
मैं सितारो के साथ बात करता हूँ
परीदों के साथ उड़ता हूँ अभी

कोई ख़ुसी नही है मेरे दिल को
बस गम का सागर है अभी
मै हर जगह खोजता हूँ उससे
उसका अक्ष दिखता है मुझे
हर जगह अभी

उसके बिना तो ज़िंदगी मेरी पतझड़
का मौसम है
बस काँटो की राहें हैं अभी
उस से से जो कहना था ना कह सका कभी
सोचता हूँ दिल का हर राज़
कह दूं उस से अभी

ना दूर जाने दूं मैं उसे अब कभी
बस दिल की झौंव मैं रख लूँ अभी
गर कहे दो प्यार के बोल मुझ से
तो अपने अखोस मैं भर लूँ अभी.

2 comments:

Preeti said...

this one s also vry nice..... hope to see sum mre new stuff frm u... bahut acche hai niks... keep it up..

Neeraj K. Rajput said...

thx thx and thx.